बजरंग बाण (श्लोक 23)

 बजरंग बाण श्लोक 23 भावार्थ सहित विस्तृत विवेचन:

श्लोक:

"बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक।।"

शब्दार्थ:

बदन कराल – भयंकर मुख वाला।

काल कुल घालक – मृत्यु के समान समस्त दुष्ट कुलों का नाश करने वाले।

राम सहाय – भगवान श्रीराम के सहायक।

सदा प्रतिपालक – हमेशा रक्षा और पालन करने वाले।

भावार्थ:

हे हनुमानजी! आपका स्वरूप अत्यंत भयंकर है, आप पापियों और दुष्टों का संहार करने वाले हैं। आप श्रीराम के परम सहयोगी हैं और अपने भक्तों के सदा रक्षक व पालनकर्ता हैं।

विस्तृत विवेचन:

यह श्लोक हनुमानजी के भयावह रूप, दुष्ट संहारक शक्ति और भक्तों पर कृपा को प्रकट करता है—

1. दुष्टों के लिए काल समान भयंकर:

"बदन कराल काल कुल घालक" में बताया गया है कि हनुमान जी का विकराल रूप दुष्टों के लिए मृत्यु के समान है। वे अन्याय, अत्याचार और पाप का विनाश करने वाले हैं।

उदाहरण के लिए, लंका दहन और राक्षसों का संहार।

2. भक्तों के रक्षक:

"राम सहाय सदा प्रतिपालक" दर्शाता है कि वे भगवान श्रीराम के कार्यों में सहायक रहे और आज भी अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं। वे प्रेमपूर्वक अपने शरणागतों का पालन करते हैं।

निष्कर्ष:

यह श्लोक हमें सिखाता है कि बुराई का अंत निश्चित है और सच्चे श्रद्धा व भक्ति से भगवान (हनुमानजी के माध्यम से) सदैव हमारी रक्षा करते हैं।


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